पटना. बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक राजीव मिश्रा ने किसान दिवस के अवसर पर उर्जा ऑडिटोरियम, पटना में आयोजित उच्चस्तरीय टाउन हॉल बैठक को संबोधित करते हुए व्यवसाय वृद्धि तथा ग्रामीण बैंकिंग के विस्तार के लिए रणनीतिक रोडमैप प्रस्तुत किया। यह बैठक विहार में बैंक के प्रदर्शन की समीक्षा, भविष्य की प्राथमिकताओं के निर्धारण तथा समावेशी विकास को गति देने हेतु आयोजित की गई। इस अवसर पर एफजीएमओ पटना के अंतर्गत बिहार राज्य की विभिन्न शाखाओं एवं कार्यालयों से 600 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक थी राजीव मिवा उपस्थित रहे। इस अवसर पर एफजीएमओ पटना के फील्ड महाप्रबंधक एस. बी. साहनी, महाप्रबंधक विनायक शुक्ला तथा बिहार के सभी अंचलों के आंचलिक प्रबंधक, उप आंचलिक प्रबंधक एवं बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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अपने संबोधन में ची मिश्रा ने बिहार में बैंक की उत्कृष्ट व्यावसायिक उपलब्धियों एवं परिचालन दक्षता की सराहना की तथा सभी अधिकारियों से सतत व्यवसाय वृद्धि, प्रभावी ऋण वसूली, गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्ति सृजन, विवेकपूर्ण जोखिम प्रबंधन तथा बैंकिंग नैतिकता के उज्नुतम मानकों का पालन करने का आह्वान किया।
किवान दिवस के अवसर पर श्री मित्रा ने गया में आयोजित किसान मेले को भी संबोधित किया, जिसमें 100 से अधिक स्वयं सहायता समूह (SIG) सदस्यों एवं किसानों ने भाग लिया। इस दौरान 20 करोड़ के ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। बैंक ऑफ इंडिया ने इस अवसर पर पूरे बिहार में 2230 करोड़ के कृषि ऋण का वितरण किया।
कृषि क्षेत्र के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा, “हर गांव तक पहुँचना, प्रत्येक पात्र किसान की पहचान कर उसे उपयुक्त बैंकिंग समाधान उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण विकास का सबसे विश्वसनीय भागीदार बनना ही बैंक का लक्ष्य है।”
सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत बैंक ऑफ इंडिया ने एम्स पटना के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) को इन्फैंट रेडिएंट वार्मर एवं ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराए।