उप विकास आयुक्त (DDC) की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण अभिसरण (Convergence) बैठक आयोजित

पटना.  04 जुलाई 2026: जिला समाहरणालय, पटना स्थित विकास भवन के सभागार में आज उप विकास आयुक्त (DDC) की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों एवं जीविका के बीच अभिसरण (Convergence) को सुदृढ़ बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण अंतर्विभागीय बैठक-सह-उन्मुखीकरण का आयोजन किया गया। बैठक में जीविका के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागों एवं जीविका के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका एवं सामाजिक विकास से संबंधित योजनाओं का अधिकतम लाभ, पात्र परिवारों तक पहुँचाना था।

बैठक के प्रमुख बिंदु

Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar & Ajeevika Mission (Gramin) (VB-GRAM):

बैठक में डायरेक्टर, NEP एवं जिला परियोजना पदाधिकारी (DPO) द्वारा Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar & Ajeevika Mission (Gramin) के उद्देश्य, कार्यप्रणाली एवं विभिन्न विभागों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी विभागों एवं जीविका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

जल-जीवन-हरियाली अभियान:

पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं हरित आवरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जीविका समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। पटना जिले में जीविका द्वारा संचालित तालाबों के सौंदर्यीकरण, डक शेड निर्माण, वृक्षारोपण तथा सोख्ता गड्ढा (Soak Pit) निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने हेतु निर्देश दिए गए। साथ ही ग्रामीण स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया गया।

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (LSBA):

ग्राम पंचायतों को ODF Plus बनाने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) को सुदृढ़ करने तथा स्वच्छता उपयोग शुल्क के संग्रहण में जीविका दीदियों की सक्रिय भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु विभागों एवं जीविका के बीच नियमित समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया। साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के शौचालय-विहीन परिवारों की पहचान कर उन्हें शौचालय निर्माण योजना से आच्छादित करने तथा निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

उद्योग विभाग एवं अन्य आजीविका योजनाएँ:

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं सूक्ष्म उद्यम (Micro Enterprises) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं, विशेषकर मुख्यमंत्री उद्यमी योजना एवं अन्य स्वरोजगार कार्यक्रमों से जीविका दीदियों को जोड़ने पर बल दिया गया। साथ ही VB-GRAM के अंतर्गत आजीविका संवर्धन एवं उद्यमिता विकास के अवसरों का अधिकतम लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाने के निर्देश दिए गए। बैठक में उपस्थित प्रतिभागियों को उद्योग विभाग द्वारा उद्यम पंजीकरण एवं संबंधित प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

उप विकास आयुक्त (DDC) के निर्देश

बैठक को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि जीविका की पहुँच ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यंत व्यापक एवं प्रभावी है। उन्होंने सभी विभागों को जीविका के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर सरकारी योजनाओं का लाभ अधिकाधिक पात्र परिवारों तक समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पहुँचाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि पंचायत विकास शिविरों का प्रमुख उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के नौ प्रमुख आयामों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना है। इस दिशा में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा पंचायत स्तर पर निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा करें तथा ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं एवं कमजोर वर्गों की आजीविका सुदृढ़ करने की दिशा में संयुक्त प्रयास सुनिश्चित करें।

बैठक में जिला परियोजना प्रबंधक (DPM), प्रबंधक (सामाजिक विकास), विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के CLF एंकर पर्सन, LHS प्रतिनिधि तथा जीविका के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

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