जनसंख्या नियंत्रण हमारे बेहतर विकास दर एवं मानव विकास सूचकांक के लिए आवश्यकः डीएम

पटना. जिलाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह द्वारा जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए आज समाहरणालय से ईरिक्शा (सारथी रथ) को झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर सिविल सर्जन, पटना डॉ. मिथिलेश कुमार; डीपीआरओ, पटना श्री लोकेश कुमार झा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री विवेक कुमार सिंह एवं अन्य भी उपस्थित थे। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि 11 जुलाई, 2024 को पटना जिला में विश्व जनसंख्या दिवस का वृहत स्तर पर आयोजन हो रहा है। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर सभी स्वास्थ्य संस्थानों (मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित) में 27 जून से 31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता माह का आयोजन हो रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में पूरे जिला में दिनांक 27 जून, 2024 से सामुदायिक उत्प्रेरण पखवाड़ा मनाया जा रहा है जो 10 जुलाई तक चलेगा। 11 जुलाई से 31 जुलाई, 2024 तक जिलाभर में परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा का आयोजन होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके अन्तर्गत पूरे जिला में जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना, परिवार नियोजन कार्यक्रम अन्तर्गत उपलब्ध सेवाओं की जानकारी आमजन तक पहुँचाना तथा योग्य दंपतियों को इच्छित सेवा प्रदान करना है। प्रत्येक माह के 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस का आयोजन सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर तथा स्वास्थ्य उप केन्द्रों पर योजनाबद्ध ढ़ंग से होता है। इस महीने भी 21 जुलाई को इसका आयोजन सभी स्वास्थ्य संस्थानों में होगा।

इस वर्ष जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का थीम विकसित भारत की नई पहचान, परिवार नियोजन हर दंपति की शान’ दिया गया है।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि इन सभी कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य परिवार नियोजन के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाकर कुल प्रजनन दर (टीएफआर) को कम करना है। इसके लिए इस तरह का कार्यक्रम काफी महत्वपूर्ण एवं प्रभावकारी साबित होता है। आज से पूरे जिला में 48 रिक्शा (जागरूकता रथ) घूमघूम कर लोगों को जनसंख्या नियंत्रण हेतु प्रेरित करेगा। 23 रिक्शा ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 25 रिक्शा शहरी क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। सभी रथ का रूटचार्ट बनाया गया है। इसी के अनुसार यह गाँवगाँव तथा शहरों में घूमेगा। सभी ईरिक्शा सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) सामग्रियों से लैस है। हर एक ईरिक्शा पर आशा फैसिलिटेटर को प्रतिनियुक्त किया गया है जिनके द्वारा आशा का समन्वय स्थापित किया जाएगा तथा आम जन द्वारा गर्भनिरोधक का स्थायी उपाय यथाछाया, मालाएन, ईजी एवं कंडोम की मांग किए जाने पर उन्हें स्थल पर ही उपलब्ध कराया जाएगा।

दिनांक 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर सभी प्रखंडों के साथसाथ जिला स्तर पर भी परिवार कल्याण मेला (हेल्थ मेला) का आयोजन होगा। इसमें सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर परिवार कल्याण कार्यक्रम अन्तर्गत प्रदान की जाने वाली स्थायी एवं अस्थायी उपायों की प्रदर्शनी लगायी जाएगी। साथ ही परिवार नियोजन के लाभ, उपलब्ध सेवाएं तथा देय कार्य क्षतिपूर्ति/प्रोत्साहन राशि की जानकारी आम जन को उपलब्ध कराया जाएगा। ईरिक्शा के माध्यम से भी इसे प्रचारित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हैण्डबिल, बैनर, पोस्टर के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इच्छुक दम्पति को सलाहमशविरा एवं अन्य सहायता प्रदान करने हेतु सभी स्वास्थ्य संस्थानों में परामर्शसहपंजीयन केन्द्र स्थापित किया गया है। डीएम डॉ. सिंह द्वारा सिविल सर्जन को निदेश दिया गया है कि इन केन्द्रों पर दक्ष स्टाफ नर्स, परिवार कल्याण परामर्शी तथा एएनएम की प्रतिनियुक्ति कर इच्छुक दम्पति को सेवा प्रदान की जाए। साथ ही ओपीडी, एएनसी सर्विस प्वायंट, प्रसव कक्ष एवं टीकाकरण केन्द्र पर भी डिस्प्ले ट्रे तथा प्रचारप्रसार सामग्रियों के माध्यम से परामर्श करते हुए इच्छुक लाभार्थियों को परिवार नियोजन सेवा उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया है।

डीएम डॉ. सिंह ने सिविल सर्जन को निदेश दिया कि इच्छुक व्यक्तियों को परिवार नियोजन की सेवा अवश्य उपलब्ध हो यह सुनिश्चित कराएं।

जिलाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन, अनुमंडल अस्पतालों के उपाधीक्षकों, प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं अन्य सभी संबंधित पदाधिकारी को विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई, 2024) तथा परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा (11 जुलाई-31 जुलाई, 2024) का सफल आयोजन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया है। डीएम डॉ. सिंह ने निदेश दिया कि जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रति नियमित तौर पर जागरूकता अभियान चलाएँ। परिवार नियोजन कार्यक्रम अंतर्गत उपलब्ध सेवाओं की जानकारी आमजन तक पहुँचाएँ तथा योग्य दम्पतियों को इच्छित सेवा अवश्य प्रदान करें।

डीएम डॉ. सिंह ने विश्व जनसंख्या दिवस तथा परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के सफल आयोजन हेतु स्वास्थ्य के साथसाथ त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं, आईसीडीएस, जीविका, कल्याण विभाग, सिविल सोसाईटी के बीच सार्थक समन्वय की आवश्यकता सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि माननीय सांसदों, विधायकों तथा नगर निकायों के प्रतिनिधियों से अनुरोध कर उनकी इस अभियान में सहभागिता सुनिश्चित कराएँ। डीएम डॉ. सिंह ने स्वयंसेवी संस्थानों के माध्यम से सामुदायिक जागरूकता अभियान चलाने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में विकास मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। माइक्रोप्लान के अनुसार प्रखण्ड स्तर पर सभी सम्बद्ध विभागों के पदाधिकारियों के बीच कोओर्डिनेशन करें। लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि प्राप्त करने के लिए तत्परता से कार्य करें। लोगों के बीच संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन करें। एएनएम को डेडिकेटेड काउंसेलिंग के लिए प्रतिनियुक्त करें। स्वास्थ्य संस्थानों तथा सार्वजनिक जगहों पर सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) सामग्रियों का प्रदर्शन करें। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, स्वास्थ्य उप केन्द्रों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वीएचएसएनडी कार्यक्रमों में सासबहूबेटी सम्मेलन को निदेशित करें। आवश्यकतानुसार तीन से पाँच पीएचसी को पुरूष बंध्याकरण सेवाओं के लिए फर्स्ट रेफरल यूनिट के साथ सम्बद्ध करें। पीएचसी स्तर तक स्वास्थ्य संस्थावार सूचीबद्ध (इम्पैनल्ड) सर्जन रखें।

डीएम डॉ. सिंह ने निदेश दिया कि जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के तहत प्रदत्त निःशुल्क सेवाएँ एवं लाभार्थियों तथा उत्प्रेरकों को प्रदान की जाने वाली राशि का भुगतान तत्परता से करें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य होगी।

गौरतलब है कि परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के दौरान प्रति ब्लॉक 75 महिला बंध्याकरण तथा 5 पुरूष नसबंदी का लक्ष्य है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल तथा शहरी पीएचसी रेफरल द्वारा महिला बंध्याकरण का लक्ष्य 125 तथा पुरूष नसबंदी का लक्ष्य 25 है। इस प्रकार महिला बंध्याकरण का कुल लक्ष्य 1,850 तथा पुरूष नसबंदी का कुल लक्ष्य 140 है। इस तरह पखवाड़ा के दौरान जिले में बंध्याकरण तथा नसबंदी का कुल लक्ष्य 1,990 है। डीएम डॉ. सिंह ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने परिवार नियोजन के सभी उपायों यथा महिला बंध्याकरण, पुरूष नसबंदी, आई.यू.सी.डी.(कॉपरटी), मिश्रित गर्भनिरोधक गोली (ओसीपी, मालाएन), गर्भनिरोधक सूईएम.पी..(अंतरा), सेन्टक्रोमेन (छाया) (साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोलीडब्ल्यूसीपी), कंडोम (निरोध) तथा आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली (ईजी) की उपलब्धता स्वास्थ्य संस्थानों में सुनिश्चित करने का निदेश दिया।

डीएम डॉ. सिंह ने पखवाड़ा के दौरान परिवार नियोजन सेवाओं के तहत प्रदान की जाने वाली सेवा यथा कॉपरटी, गर्भनिरोधक सूई (एमपीए), बंध्याकरण एवं नसबंदी की सेवा प्रदान करने पर विशेष रूप से ध्यान देने का निदेश दिया। जनसंख्या स्थिरीकरण की आवश्यकता, सही उम्र में शादी, पहले बच्चे में देरी, बच्चों के बीच सही अंतर तथा छोटा परिवार के लाभ के बारे में आमजन के मध्य चर्चा कर, माँ और शिशु स्वास्थ्य को बेहतर करने तथा गर्भनिरोधक उपायों को अपनाने हेतु परामर्श दिया जाए।

डीएम डॉ. सिंह ने निदेश दिया कि परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के दौरान माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निदेश के अनुसार बंध्याकरण/नसबंदी से संबंधित गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराएँ। प्रीऑपरेटिव (परामर्श, चिकित्सीय जाँच, पैथोलोजी जाँच इत्यादि) एवं पोस्टऑपरेटिव केयर के लिए मेडिकल टीम गठित करते हुए निःशुल्क सेवा सुनिश्चित करें। डेडिकेटेड टीम द्वारा ऑपरेशन के बाद की सुविधाएँ सुनिश्चित की जानी चाहिए। शिविरों में मूलभूत सुविधाएँ जैसे बेड, पेयजल, पंखा इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित रहनी चाहिए। बंध्याकरण एवं नसबंदी कराए गए व्यक्तियों को उनके घर तक एम्बुलेंस से पहुँचाना सुनिश्चित करें। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ‘‘अंतरा एवं छाया’’ सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। शहरी पीएचसी, अतिरिक्त पीएचसी एवं हेल्थ एवं वेलनेस सेन्टर में आईयूसीडी सुविधाओं की उपलब्धता प्रशिक्षित सेवा प्रदाता द्वारा नियमानुसार सुनिश्चित करें। कंडोम बॉक्सेज के द्वारा कंडोम का वितरण सुनिश्चित कराएँ। सभी सम्बद्ध स्वास्थ्य संस्थानों में सेल्फ हेल्प किट उपलब्ध रहना चाहिए।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि इस विश्व जनसंख्या दिवस पर प्रत्येक योग्य दम्पति तक पहुँच तथा जनसंख्या स्थिरीकरण के सपने को साकार करने का सकल्प लें। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण हमारे बेहतर विकास दर एवं मानव विकास सूचकांक के लिए आवश्यक है। सभी स्टेकहोल्डर्स इसके प्रति सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *